e-Notice
NOTICE
लखनऊ बार एसोसिएशन, लखनऊ
रजिस्टर्ड संख्या :- (2736/83-84) | पंजीकरण अन्तर्गत अधिनियम संख्या :- (21/1860) | एवं बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश सम्बद्धीकरण सांख्य :- (24/2012)
15, January 2026 | 08:17 PM
Subject : उत्तर प्रदेश में टोल प्लाजा पर आम नागरिकों एवं अधिवक्ताओं के साथ हो रही हिंसक घटनाओं के संबंध में गहरा रोष व्यक्त करते हुए, विशेष रूप से दिनांक 14 जनवरी 2026 को हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ हुई मारपीट की घटना के संदर्भ में सख्त विधिक कार्रवाई एवं सुरक्षात्मक उपायों के संबंध में।
प्रतिष्ठा में,
माननीय मुख्यमंत्री जी,
उत्तर प्रदेश सरकार,
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
माननीय मुख्यमंत्री जी,
हम, लखनऊ बार एसोसिएशन के पदाधिकारीगण, कार्यकारिणी सदस्य एवं समस्त अधिवक्ता, उत्तर प्रदेश राज्य में टोल प्लाजा पर लगातार बढ़ रही हिंसा, दुर्व्यवहार एवं हमलों की घटनाओं से अत्यंत आक्रोशित एवं व्यथित हैं। ऐसी घटनाएँ न केवल आम नागरिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल रही हैं, बल्कि अधिवक्ताओं जैसे संवैधानिक दायित्व निभाने वाले विधि-पेशेवरों की गरिमा, स्वतंत्रता एवं सम्मान पर भी सीधा प्रहार कर रही हैं।
विशेष रूप से, दिनांक 14 जनवरी 2026 को जनपद बाराबंकी स्थित हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर हमारे साथी अधिवक्ता श्री रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई बर्बर मारपीट की घटना अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक एवं पूर्णतः अस्वीकार्य है। मात्र भुगतान संबंधी विवाद के कारण अधिवक्ता को घेरकर पीटा गया, गाली-गलौज की गई तथा जबरन माफी मंगवाकर उन्हें अपमानित किया गया।
उक्त घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि टोल कर्मियों द्वारा उकसावे एवं संगठित रूप से हमला किया गया। यह घटना टोल प्रबंधन की खुलेआम गुंडागर्दी, मनमानी एवं स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है। हम मांग करते हैं कि इस प्रकरण में पंजीकृत अभियोग में संलिप्त सभी दोषियों के विरुद्ध तत्काल, निष्पक्ष एवं कठोर विधिक कार्रवाई की जाए।
माननीय मुख्यमंत्री जी, यह घटना कोई अपवाद नहीं है। प्रदेश भर में टोल प्लाजा पर आम नागरिकों एवं अधिवक्ताओं के साथ हिंसा, दुर्व्यवहार एवं अवैध वसूली की घटनाओं की एक लंबी श्रृंखला सामने आ चुकी है, जो राज्य की सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक नियंत्रण एवं नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि टोल कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही, फास्टैग प्रणाली की तकनीकी खामियाँ, निजता का उल्लंघन तथा प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव प्रमुख कारण हैं।
उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए, आम नागरिकों एवं अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु लखनऊ बार एसोसिएशन निम्नलिखित सख्त विधिक एवं सुरक्षात्मक सुझाव प्रस्तुत करता है—
1. कठोर विधिक कार्रवाई
- टोल प्लाजा पर होने वाली प्रत्येक हिंसक घटना में तत्काल एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया जाए।
- दोषी टोल कर्मियों एवं संबंधित एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
- अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला प्रकरण में संलिप्त दोषी टोल कर्मियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अंतर्गत कार्रवाई की जाए।
2. सुरक्षा संबंधी उपाय
- प्रत्येक टोल प्लाजा पर स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना की जाए तथा सीसीटीवी कैमरों की 24×7 पुलिस द्वारा निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- एनएचएआई द्वारा टोल अनुबंधों में सख्त सुरक्षा क्लॉज जोड़ा जाए एवं उल्लंघन की स्थिति में संबंधित टोल प्लाजा संचालक पर ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक का दंड निर्धारित किया जाए।
- टोल कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए एवं उन्हें आम नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार हेतु नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
- सभी टोल कर्मियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराया जाए।
- अधिवक्ताओं एवं सेना कर्मियों के लिए विशेष छूट एवं सम्मानजनक व्यवहार से संबंधित स्पष्ट नीति लागू की जाए।
3. फास्टैग एवं भुगतान प्रणाली में सुधार
- फास्टैग बैलेंस विवाद को कम करने हेतु वैकल्पिक डिजिटल भुगतान विकल्प अनिवार्य किए जाएँ।
- भुगतान संबंधी विवादों के त्वरित समाधान हेतु प्रत्येक टोल प्लाजा पर तत्काल मध्यस्थता/शिकायत निवारण बोर्ड गठित किया जाए।
4. निजता संरक्षण
- सीसीटीवी फुटेज के दुरुपयोग को रोकने हेतु डेटा प्रोटेक्शन कानून के अंतर्गत सख्त दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएँ एवं नियमित ऑडिट सुनिश्चित किया जाए।
5. जन-जागरूकता एवं निगरानी
- राज्य स्तर पर एक टोल सुरक्षा निगरानी समिति गठित की जाए, जिसमें बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को भी सम्मिलित किया जाए।
माननीय मुख्यमंत्री जी, हमें पूर्ण विश्वास है कि आप इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए आवश्यक एवं प्रभावी कार्रवाई करेंगे, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हो तथा अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
भवदीय,
कार्यकारिणी
पदाधिकारीगण
वरिष्ठ उपाध्यक्ष : भूपेन्द्र मणि सिंह (एडवोकेट) मो.- 8840896237, 9335766882
मध्य उपाध्यक्ष : सौरभ शुक्ला (एडवोकेट) मो.- 8601528888 / सुरेन्द्र सिंह यादव (एडवोकेट) मो.- 9473777700
कनिष्ठ उपाध्यक्ष : अजय कुमार यादव (एडवोकेट) मो.- 9415390000, 9984290000
कोषाध्यक्ष : अभिनेश कुमार यादव (एडवोकेट) मो.- 9415794026, 9369296395
संयुक्त मंत्री : नरेन्द्र शुक्ला (एडवोकेट) मो.- 9450572999 / आशीष राय (एडवोकेट) मो.- 9919260000 / जीतेन्द्र सिंह यादव (जीतू) (एडवोकेट) मो.- 8756700006, 9305738831
वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य
- शशेन्द्र प्रताप सिंह (एडवोकेट) – 9453643985
- खड़ग बहादुर सिंह (एडवोकेट) – 9415538352
- प्रशान्त कुमार मिश्र (एडवोकेट) – 9936902974
- अखिलेश कुमार दीक्षित (एडवोकेट) – 9792473232
- विनोद कुमार शुक्ला (एडवोकेट) – 7348741188
- अंजली कटियार (एडवोकेट) – 9839902472, 6387718552
कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य
- अभिषेक सिंह यादव (एडवोकेट) – 7309725175
- आरती देवी (एडवोकेट) – 6388529426
- जूली कुमारी उर्फ जूली रावत (एडवोकेट) – 8562973656
- अंकिता मिश्रा (एडवोकेट) – 8090403600
- मैना रावत (एडवोकेट) – 7843878086
- विश्वास कुमार (एडवोकेट) – 9305821156

